Thursday, 28 May 2020

Soulmate...!

 जिंदगी के इस पल  मे जहाँ हर कोई अपने आप से जुझ  रहा है, और घर बैठे बैठे कुछ ना कुछ कर रहा  है तो मैने भी सोचा के क्यों  ना कुछ  किया जाये ।
आगर काफी कुछ नाही तो कम  से कम लिखा ही  जाये।
अब इन्सान लिखने  बैठे तो क्या कुछ  नाही लिख सकता ।
पर सवाल ये है की उसे समझेगा कौन ?

भारत कि आबादी १३० करोड है,जयदा भी ।इस करोडो कि आबादी मे हर कोई नही चाहिये होता है,चाहिये होता है तो  सिर्फ एक  शक्स ....  जो आपको समझे और आप जैसे है वैसेही  आपको स्वीकार करे। चाहे कोई इस बात को माने या ना माने, पर हम जो है असली मे जो है  वो सिर्फ हम खुद्द जान ते है ।
 इस्की पारख हर कोई नही कर सकता ।जो कर पाता है उसे केहते है SOULMATE ।

SOULMATE क्या होता है या कौन होता है?
ये वो इन्सान है जो  आपका BEST FRIEND होता है ।
या उससे  भी अधिक ।इन तामाम लोगो कि भीड में  वो अकेला  जो आपको समज सकता  है आपसे भी जयदा । वो कोई भी हो सकता है , आपका  दोस्त,  आपका  भाई , आपकी बेहन , माता  , पिता , या आपको बेहद्द प्यार करने वाला आपका साथी । वो   आपका  चेहरा देखकार  ही  पहचान जात है  कि आप खुश है या उदास'?आपके दिमाग मे क्या चल रहा है?आप क्या सोच  रहे है?आप क्या मेहसूस कर रहे है?आप क्या करना  चाहते है ?और  फिर भी  आप क्या कर रहे है?इन  सब के बारे मे  उन्हे सब  होता है ,बेशक  उन्हे दर्द  भी होता है ।फिर भी अपकी ख़ुशी की लिये वो आपके  साथ रहता है । आपको समझता है । आपसे प्यार करता है । उसासे कई ज्यादा आपकी परवाह करता है ।आपको पाने कि चाहत राखता है और आपको खोने से डरता है । बहुत  डरता है ।
पाना तो काई लोग चाहते है हमे ,पर जो हमे खोने से डर जाये उसकी मोहब्बत पर शक नाही करना चाहिये ।

ये होता है Soulmate . ऑफकोर्स ये मेरी परिभाषा है आपकी  कूछ और  भी हो सक्ती है|
पर अब आप सोच  रहे होगे की ये मैं  यह क्यों  लिख रही हू?
क्योंकी  मुझे ये जरूर पता है की सिर्फ आप हि है जिनसे  मैं खुल कर बात कर सक्ती हू ।
आप हि है जो मुझे सुनेगे  वो भी बिना judge  किये. । क्योंकी  आप बिलकुल भी JUDGEMNTAL  नही है ।

मुझे  भी Soulmate चाहिये था.. । हर किसी को चाहिये होता है| यकीन किजिए मैने कई जागह  खोजा  उसे और हर शक्स  मे  पेहचानने  की  कोशिश करी। पर वो हो ना पाया । काफी जतन   की बाद समझो वो मिल ही  गया.. ।मैने पेहचान लिया था उसे । उस का  चेहरा मेरे नजरो की सामने आ गया था|

वो कोई जादूगर तो नही  था , पर उसकी बातो मे  जादू जरूर था|वो कोई नशा करता था या नही  ये नहीं  जान पायी मै , पर उसकी आँखो मे  नशा  था । उसकी आँखे  समंदर कि तरहा  गहरी थी । जैसे  उसमे  कइ राज छुपे हो ।
 हर बार ये विशेषता सिर्फ लडकीयो की लिये नही  होती । कुछ लडको को बना ने मे  भी उपरवाला बडी  मेहनत करता है । उसे देखकर कूछ  होता जरूर  था ,पर धीरे धीरे । जैसे कोई  मीठा जहर काम कर रहा हो शरीर मे ...धीरे धीरे.....।

उसे जानकर ,उसे पेहचानकर , उ से अपने करीब पाकर
मैं  खुश थी ...इतनी खुश कि मेरे ख़ुशी का तो ठिकाना  ही नही था  ।
पर कहते है न हर चीज  कि किंमत अदा  करनी पडती है तब ही वो आपको मिलती इतनी आसानी  से सब मिल जाता  तो हार कोई किस्मतवाला ना केहलाता ?


वो SOULMATE  मेरे लिये अनमोल था । उसकी किंमत मै कहा से अदा करती ?
और केहते  है ना कि सही इन्सान से मुलाकात हुमेशा  गलत वक्त पर होती है... पैंमाना सामने होता है पा हम बेबास इतने  हो जाते है की उसे छू  भी नाही पाते।नजराणा सामने होता है पर मजाल हो हमारी जो हम नजर भी डाल  पाये उसपर।


मै  चिखना चाहती थी ,खुश होना चाहती थी , मेहसूस जो कर रही थी , सारे ज़माने को बताना चाहती थी । पर कम्बखत ज़माने के बेरहीयो ने मुझे जकड कर रखा  था । मै सोच ही रही थी कि इन सब से कैसे सुलझा जाये ।
उसी समय मुझे मेरे एक दोस्त  कि बात याद आई ।

उनका नाम सागर था ।दिखने मे गोरे से ,उंची कद ।। उन्हे अपना ख्याल रखना बडा पसंद था । सुबह  उठना ,व्यायाम करना ,अखबार पढना  और अपने दिन कि शुरुआत करना , ये सब आता था उन्हे ।
खुशमिजाज और अपनापन काफी था उन्मे ।बडो को सम्मानन , छोटो से प्यार और अपनेपन का हार एक जजबात राखते थे ।सब कूछ  सही था । अच्छी नौकरी ,अच्छा साथी और अच्छा घर ....  पर फिर र भी मायूस रहते थे।

 दरसल  वो एक लडकी से बहुत  प्रेम करते थे| पर वो लाडकी कौन थी ,इसके बारे मे कोई भी नही जानता था । मेरी और उनकी खूब जमती  थी । हम देर  रात तक बैठते थे  और ढेर सारी  बाते करते थे । हमारी काफी गहरी दोस्ती हो गई थी ,पडोसी जो थे|  जिंदगी कि हर छोटी  बडी बात हम आपस मे  करते थे । वो भी मुझे अपने किस्से सुनाते  थे  और मैं  भी उन्से  जिंदगी को उलझने सुलझाने  के लिय सलाह  महेश्वरा करती  ही  थी ।
 वो उम्र और तजुरबो मी मुझसे काफी आगे थे । कई बार  वो काफी चिंतीत रहते थे ,और उसका  असर उनकी सेहत पर दिखने लगा था ।

एक  दिन मुझसे रहा नाही गया और मैने उनसे पूछ ही  लिया ,
"कौन है वो....  जिससे आप इतनी  मोहब्बत करते है ? जिंदगी की इतने तक्लिफ भरे दिनो मे  भी आप उसका खयाल नाही भुलते  है, ऐसा एक दिन नही जाता  जब आप उस के बारे मे  सोचते नही है"

 मेरे जिग्यासा पर उन्हे हैरानियात पुरी हुई और काफी देर  तक वो मुझे घुरते रहे ।शायद  ये सोचते रहे की आज अचानक ये सवाल आया  तो आया कैसे ?
क्यूकी  मैने कभी भी उनसे ऐसा सवाल नही किया था  ।
पर ये सवाल ऊस दिन का नही था । ये सवाल का जवाब तो मै  काफी समय से धुंड  रही थी ।सिर्फ सही मौका और दस्तूर  नही मिल रहा था । मेरे अंदर कि जिग्यासा  को शांत करते हुए उन्होने कुछ केहना  शुरु  किया ।
और कुछ  यु कहा कि वो बात आज भी मेरे ज़हन मे  शामिल है । उन्होने कहा ,

 "दुनिया मे ऐसे बोहत  कम लोग होते है जिनके लिये हम कुछ  करना  चाहते है, कुछ  उन्हे  देना चाहते है, और ये बताना  चाहते है की सिर्फ एक वो हि है जीन्से  बेहद्द  हम मोहब्बत करते   है, और उनके लिये जो हम मेहसूस  करते है वैसा किसी और की लिये नही करते। वो  खास  होते है ।बोहत खास!!!
हुमारी सारी दुनिया उनके आगे  पिछे  होती है ।या यु कहे कि  हुमारी दुनिया हि वही होते है| ये सब करना नही पढता  है  , ये सब अपने आप होते चला जाता  है । ये  लोग हमारे लिये बोहत मायने राखते है , इन्हे  अपने साथ  और पास रखने के लिये हम कूछ भी  कर सकते है । "
इतना केहकर वो शांत हो गये ।

अब इतना सुनने पर मेरी जिग्यासा  का अंत होना  मुमकिन नही था ।मैने  उन्से  दुसरा सवाल पूछा ,
 " अगर ऐसा ही  है, तो आप उन्हे सबसे छुपा  कर क्यू रखते हो?
 सबको बाता  क्यू नही देते और ले क्यू नही जाते अपनी जिंदगी मे ?"
इस पर सागर ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया ,जैसे वो काफी समय से इसी बरे मे  केहना  चाहते  हो.|
"मैने  उसे इतना प्यार किया है की उसका एक  नाखून भी तूट जाये तो मुझे दर्द  हो जाये ,उसे खरोच भी आ जाये तो  मेरे आसू निकाल आए , जब मैने उससे प्यार किया था तब कोई शर्त  नही थी , सिर्फ प्यार था । प्यार ,प्यार होता है ,उसे समाज कि रीत और रिवाज से  कुछ  नही करना होता है|
आज भी  उतना  ही प्यार है, मेरा प्यार उके लिये बढ सकता  है कम  नही  हो सकता ,अगर कभी  कम हुआ.....  तो .समझो कभी था हि नही !!! प्यार सिर्फ बढता है ,वक्त के साथ,उम्र की तरह । क्या हमारी उम्र कम हो सकती है ? नही ना?? फिर  लोगो का आपस मे  प्यार कैसे काम होगा??
प्यार कभी कम नही होता ,हा ! वो  मर जाता सकता  है या मार दिया जाता है । बुरी   तरह से , उसे जिंदा रखने का काम दोनो का होना  चाहिये । आगर दोनो का ना भी हो तो मेरे प्यार को जिंदा रखने का जिम्मा सिर्फ मेरा है  और रहेगा ।इसमे  बोहत ताकत होती है|  ये आपको बोहत कूछ  बना  देती है और  बिगाड भी सकती है । Love is too powerful too be true. ! 
(उनकी बाते मेरे समज मी आ नही रही थी । पर फिर भी मैं सुनती  चली  गयी । कभी कभी you just have to be a good listener .)

रात काली थी । चांद और तारे चमक रहे थे । चांद कि तरफ देखते हुए उन्होने कहा ,

"ये दुनिया बुरी  है, लोगो की सोच बुरी है   ,ना जाने उसे  किस किस नाम से पुकारे और ना जाने  कैसा कैसा लांच्छन लागए । मै  खुद्द  हर एक तक्लिफ से गुजर सकता हू पर उस पर  .....  ना ना ना ....!!!!
 किसी बी तारिके कि तक्लिफ ,देने  की  मैं  सोच भी नही सकता . मुझे पुरा यकीन  है कि वो  सिर्फ मेरी है और किसी और कि हो हि नही सकती । मुझे सिर्फ मेरे यकीन  पर यकीन  करना  आता है किसी और कि बातो पर नाही ।
लोगो कि प्यार कि परिभाषा अलग अलग होती है । कोई सुरत से प्यार करता है| कोई तन  से प्यार करता है । किसी कि हसरत सिर्फ उसे  पाने  कि होती है की  ये लडकी मुझे मिल जाये बस !! आजकल  का तो नाय ट्रेंड है , use & throw  !
मेरे पास प्यार कि कोई भी परिभाषा नही । मुझे नाही पता .... सच !! "उन्होने हस्ते हुए कहा 
"तो....आपको नही पता प्यार क्या होता है?", मैने पूछा ।
"मुझे नही पता प्यार क्या होता है.?
मेरे लिये तो बस ये एक खूबसूरत स एहसास है जो सिर्फ उस के साथ रेहने से मिलता है।
उसे देखकर कूछ  होता है  मेरे अंदर ,पता नही क्या!
पर वो बोहत अच्छा  लगता है| शायद उसी को सुकून केहते है । अगर मुझे ये सुकून उस के साथ मिल रहा है। ये एहसास जो मुझे हो रहा है,मै हमेशा  उसे मेहसूस करना चाहु ...  तो ये गलात क्यू है?
क्या ये प्यार है? ऐसा मेहसूस करना ?
और अगर है तो क्या मै ये सबको बताते फिरू ?
इसका justification और explanation दुनिया को क्यू देना है ।
I am responsible for my feelings! Am I not that free.... to feel what I actually feel or want to feel?  If it is so, then who is responsible for my feelings?"

 उनकी  इन बनतो का मेरे पास तो कोई भी जवाब नही था । मुझे कूछ  समज ही  नही आ रहा था। मैं  चूप चाप  उनकी कही  हुई बनतो को सुनकर सोच  मे  पड गयी । थोडी देर के लिये जैसे खामोशी हमारे बीच हमारी साथी  बन गायी हो।

उस  खामोशी को अलविदा केहकार सागर ने आगे कहा ,
"और रही बात उसे छुपा कर रखने  की ,
तो वो सिर्फ मेरी है,
मेरी दुनिया है,मेरा नसीब है और मेरा प्यार है,
मेरी किस्मत है..
मेरी सुबह  है..  मेरी शाम है,
मेरा यकीन है  ,मेरा हौसला ,
मेरा जुनून  है, वो ही  मेरा रब  और मेरा आस्मान है ..
वो मेरी SOULMATE है|
वो मेरे अंदर है , जैसे दिल शरीर के अंदर होता है! कोई दिल निकाल कर दिखाता हैं क्या?
वो जब मेरे आसपास नही होती तब  मेरा दिल धक धक  जरुर करता है पर धडकता नही है ।
और ये सारी चिज़े  कौन दुनिया को केहता है? अगर केहता भी हो तो भी मैं  नही  करूगा  ।
क्यों करू??
क्या कोई समझेगा इसे ?
 मैं  ये नही केहता की मै  सही हू, नही कोई मुझसे ये कह सकता हैं की मैं गलत  हू , दुनिया मे अगर आकार आपने इस एहसास को मेहसूस ही  नही किया, तो जिंदगी मे क्या ही जीये आप?
ये सब भावनाओ का खेल  है। उसे देखते हि मुझे  नही ,मुझमे कूछ  होने  लग गया था । गलती मेरी नाही थी , गलती समय कि थी  कि जो हुआ वो बोहत गलात समय पर हो रहा था , वो मेरे लिये अकेले रेह गाई और मैं शादीशुदा हो चुका था ।  पर मेरे अंदर जो हो रहा था। वो बस....  होते जा रहा था । तब भी और आज भी । जब कोई  एक शक्स  ही  आपकी दुनिया बन जाये तो अस्सल दुनिया कि कौन सोचता  है? मेरे लिये वो मेरी दुनिया है| उसे हस्ते मुस्कुराते देखकार जो मेरी रूह तृप्त होती है उसका  कोई अंदाजा  ही  नही है किसी को...... !
हो सकता है मैने दुनिया कि रीत को तोडा हो..."

"तोडा ही  है सागर !"( मैने उनकी बात बीच मे  ही  काट दी !)

 "चलो  ठीक है, तुम सही" उन्होने कहा ।
पर आगर मैं  दुनिया कि हि बात मानते रेह जाता , तो तुम्हे ऐसा नाही लगता  की मैं  खुद्द से और खुद्द के  लिये ही झुठा  हो जाता ?
इंसान एक बार धरती पर आता है.... खुद के  लिये जीना नही चाहिये??
 सिर्फ अच्छा बना  रेहना चाहिये?
भले अंदर से आप कितने हि टूटे हो, फिर  भी घूट घूट के जीना  चाहिये?
 क्या तुम  भी यही मानती हो??
अगर मुझे सही बनना ही है  तो मैं  सही किसके लिये रहू?
समाज की लिये या खुद्द की लिये?

सारी दुनिया के लिये अपनी दुनिया छोड दु??

जिंदगी अल्झाती नही है ।
LIFE IS SIMPLE,WE MAKE IT COMPLICATED. YOU ONLY HAVE TO CHOOSE WHAT IS RIGHT AND WHAT IS WRONG FOR YOURSELF.
But for that....  you have to die every moment!"

मेरे पास उनके किसी भी सवाल का कोई भी जवाब नही था ।उस दिन एक बात समज आई ,"जैसा दुखत है वाईस होता नाही है।"

 बस !  उसी दिन से DECIDE कर लिया था कभी किसी को JUDGE नही कारूगी।
कब...  कौन....  किस तारिके कि उलझन मे है ये समज मे  नही आता ।

पर उनकी एक बात दिल मे घर कर गई और मैने भी गाठ  बांध ली  की कभी आगर कोई ऐसा शक्स मुझे मिला  तो कभी भी उसे  दुनिया कि नजरो मे  आने नही  दूंगी । वो मेरे  है तो मुझत क ही रहेगा ।

नही...
सिर्फ उनकी बात से मै  प्रभावित नही हुई|
एक मूवी आई थी  GULLY BOY ,जिसका एक dailogue इंटरनेट पर  बढा  चला था...
मेरे बॉयफ्रेंड से गुलु गुलु करेगी तो थोपटुगी ना उसको.....

इस dialogue के  अंत मे भी वो यही केहती है, कि एक ही  LIFE है और एक ही  तो वो है , अब ऊस मे  भी...  बीच मे  घूस रही है वो....!!!

अब इसे भी तो consider करना ही था|

इन सारी बनतो को ध्यान मी राख कर मैने एक चीज  को समाज लिया की मेरा जो soulmate होगा. वो सिर्फ मेरा ही  होगा और उसे  मैं किसी के साथ share  नही करूगी । ना उसके बारे में किसी से कुछ कहूगी ।

पर सागर कि स्टोरी बडी unique है|



आपको क्या लागता  है,मेरा ऐसा सोचना  सही है या गलात?
क्या सागर सच केह रहा था? क्या उसकी सोच सही है??

नीचे कंमेंट सेकशन मे  जरूर बताईये!!

1 comment:

  1. अजीब रस्म है दुनिया की,
    कहते हैं सबसे मिल जुलकर रहो,
    प्यार मोहब्बत से रहो,
    और जब किसीसे प्यार हो जाये,
    तो कहते है इन सबसे दूर रहो…
    नसीबों के खेल अजीब होते है,
    चाहने वालो को आँसु ही नसीब होते है,
    कौन चाहता है अपनों से दूर होना,
    पर अक्सर बिछड़ जाते है,
    वो जो दिल के करीब होते है…!
    Giving someone a piece of your soul is better than giving a piece of your heart. Because souls are eternal.

    A soul mate is not found. A soul mate is

    Our soulmate is the one who makes life come to life.
    Yes sagar sahi b tha ��

    ReplyDelete

online

Whatsapp status  and online... Ye online hona bhi kitna ajeeb hota hai Baat hai un dino ki Jab whatsapp nay naya market me aya tha... Theek ...